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सोमवार, 27 मार्च 2017

कूलाम का नियम तथा बायो - सावर्ट का नियम

हेल्लो दोस्त आज हम जानेंगे दो नियमो के बारे में जो भौतिक विज्ञान के दो अहम् नियम है एक तो कूलाम का नियम दूसरा बायो सावर्ट का नियम
कूलाम का नियम-विधुत आवेशों के बीच लगने वाले स्थिर विद्युत बल के बारे में एक नियम है जिसे कूलम्ब नामक फ्रांसिस वैज्ञानिक ने 1790 के दशक में प्रतिपादित किया था ।यह नियम विधुत चुम्बकत्व के सिद्धान्त के विकास के लिए आधार का काम किया ।यह नियम अदिश रूप में या सदिश रूप में ब्यक्त किया जा सकता है ।अदिश रूप में यह नियम निम्नलिखित है।"दो बिन्दु आवेशों के बीच लगने वाले स्थिर विधुत बल का मान उन आवेशों के गुणनफल के समानुपाती होता है। तथा उन आवेशो के बीच के दुरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है"
बायो -सावर्ट का नियम -बायो सेवर का नियम विधुत चुम्बकत्व के अन्तर्गत समीकरण है जो किसी विधुत धारा द्वारा किसी बिंदु पर उत्पादित चुम्बकीय क्षेत्र B  का मान बताता है । सदिश राशि B  का मान बताता है । सदिश राशि B  धारा परिमाण दिशा लम्बाई एवं बिन्दु से दूरी पर निर्भर करती है। यह नियम स्थिर चुम्बकीय स्थिति में वैध है ।और इससे प्रॉप्त B  का मान एम्पियर नियम तथा गाउस का नियम से प्रॉप्त चुम्बकीय क्षेत्र से मेल खाते है । इस नियम का प्रयोग स्थिर विद्युत धारा द्वारा उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र की गणना करने में काम आता है । और यह नियम सन 1920 में प्रतिपादित किया गया था।
B= चुम्बकीय क्षेत्र का मान है।

2 टिप्‍पणियां:

  1. Bio severt ke niyam or Kulamb ke niyam me antar bataiye.

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    उत्तर
    1. 1- कूलाम का नियम सदिश और अदिश दोनो रूपो में काम करता हैं
      जबकि बायो का नियम सिर्फ सदिश राशि का मान बताता हैं
      2-कूलाम का नियम विधुत चुम्बकत्व के सिद्धान्त के विकास के लिए आधार है
      और बायो का नियम विधुत चुम्बकत्व के अंतर्गत समीकरण होता है
      3-कूलाम का नियम की वजह से विधुत चुम्बकत्व के सिद्धान्त का विकास हुआ
      और बायो का नियम चुम्बकीय छेत्र का मान बताता हैं
      मुझे आशा है आप मेरे जवाब से संतुष्ट होंगे

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